शनिवार, अप्रैल 13, 2013

समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कुछ नहीं मिलता ?

कुछ लोग वाहवाही लूटते हैं कि मैंने ऐसा किया वैसा किया और कुछ लोग इसके विपरीत यह रोना रोते हैं कि मैंने इतना ज्यादा मेहनत किया फिरभी मुझे कुछ हासिल नहीं हो सका ?यही मानव प्रवृत्ति है कि यदि सफलता मिली तो वह स्वतः की मेहनत से अर्जित बताता है ,और यदि असफलता मिली तो कहता फिरता है कि क्या करूं मेहनत तो बहुत किया था पर भाग्य में नहीं था । लेकिन एक बात आप गांठ बांध लें ,वह यह कि
किसी को भी समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कुछ मिल भी नहीं सकता ।
ज्योतिष विद्या पर भारतीय लोगों का विश्वास हमेशा से रहा है ,और यही कारण है कि जहाँ लोग शादी -ब्याह ,ब्यापार ब्यवसाय के लिये सही समय याने ग्रहदशा का इंतजार करते हैं वहीँ यात्रा करने ,मकान निर्माण
आदि अनेकों शुभ कार्य करने के लिए ,ज्योतिष का सहारा लेना नहीं भूलते । आखिर यह ग्रहदशा होती क्या है ?
ग्रहदशा कि मिलान से यही जानकारी होती है कि समय ठीक चल रहा है या नहीं । या फिर ग्रहदशा पक्ष
समर्थक है या नहीं । और आप निश्चित मानिये कि इसका जातक पर याने मनुष्य पर असर जरुर पड़ता है ।
आप भी जीवन में ऐसे अनेक अनुभव किये होंगे कि कभी कोई काम बिना किसी खास मेहनत के निपट जाते
हैं तो कभी कड़ी मेहनत करने के बाद भी अटक जाते हैं । अक्सर ग्रहदशा का असर आदमी के ब्यवसाय
शादी -ब्याह ,संपत्ति तथा स्वास्थ्य आदि पर विशेषरूप से प्रभावकारी होता है । कहा भी गया है कि जब
लोहा गरम हो तभी हथौड़ा मारना चाहिए अन्यथा नहीं ।
हमारे एक मित्र हैं ,कहते हैं कि मुझे भाग्य पर भरोसा नहीं है । मैं तो केवल मेहनत पर भरोसा करता हूँ ।
भाई साहब ,सही समय के चलते ही आप ऐसी बात करते हैं ,यदि समय विपरीत होता ,कड़ी मेहनत करने पर भी सफलता नहीं मिलती तो आप भी भाग्यवादी होते ?लेकिन भाग्य के साथ साथ मेहनत को नकारना भी
उचित नहीं ।

मेरा कहने का आशय केवल यही है कि सबको उचित समय का इंतजार करना आवश्यक होता है ।
और यह बात तो कभी करना ही नहीं चाहिए कि जो कुछ किया है मैंने किया है । आप या हम कुछ करने
 वाले कौन होते हैं । जो भी होता है वह पूर्व निर्धारित होता है ,और वही हमारी नियति होती है ।

हरिः ॐ तत्सत ।